ब्रेकिंग
राहुल गांधी के विरोध में भाजपा का कांग्रेस कार्यालय घेराव, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल बोले— लोकतंत... पुलिस कमिश्नर डॉ संजीव शुक्ला ने अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिस जवानों का जाना हाल Raipur Central Jail Bail: जेल से बाहर आते ही अमित बघेल ने भरी हुंकार, 2028 चुनाव पर किया बड़ा ऐलान स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जिला अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक मार्च, मांगों को लेकर सरकार के नाम सौंपा ज्ञ... साड़ी की जिद बनी मौत की वजह! पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट CM साय से लघु उद्योग भारती की मुलाकात, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई अहम चर्चा Sai Cabinet Meeting Today: आज साय सरकार ले सकती है बड़े फैसले, किसानों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान लोक कर्म विभाग की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति पर सख्त नजर, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करन... भव्य सावन मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, सांस्कृतिक समिति की बैठक में बनी कार्ययोजना, छत्तीसगढ़ में मेहरबान हुआ मानसून, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; मौसम विभाग का ऑरेंज-येलो अलर्ट
दुर्ग

दाऊ वासुदेव चंद्राकर से गौवंश उपचार की माँग: बजरंग दल द्वारा जन आंदोलन की चेतावनी

दुर्ग गौवंश उपचार एवं पशु उपचार के लिए महकौशल क्षेत्र में स्थित कामधेनु विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सालय से जुड़े गौसेवकों ने एक गंभीर मांग उठाई है। गौसेवकों का कहना है कि उनके द्वारा उपचार के लिए पर्ची बनाई जाती है, जिसमें 1500 रुपये की फीस लगती है।

इसके अलावा, इलाज के दौरान उपयोग होने वाली दवाइयाँ बाहर के मेडिकल स्टोर से मंगवानी पड़ती हैं, जिन्हें स्वयं गौसेवकों को खरीदना पड़ता है। इस प्रक्रिया में गौसेवकों को प्रति गौवंश इलाज पर 5000 से 6000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, जो कि उनकी आर्थिक स्थिति के लिए अत्यधिक है।

गौसेवकों का यह भी कहना है कि चिकित्सालय में कुछ डॉक्टरों द्वारा दुर्व्यवहार किया जाता है, जिससे उनके मनोबल को भी ठेस पहुँचती है। इसी के चलते उन्होंने कुलपति दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर से अनुरोध किया है कि गौवंश और पशु उपचार को पूर्णतः निःशुल्क किया जाए और दवाइयाँ चिकित्सालय द्वारा ही उपलब्ध कराई जाएं।

गौसेवकों का कहना है कि पूरे दुर्ग जिले में केवल इस चिकित्सालय में ही ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है, और यदि उनकी माँगें पूरी नहीं की जातीं, तो बजरंग दल गौवंश की सेवा एवं रक्षा को लेकर एक बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगा।

यह मामला अब जिले के विभिन्न गौसेवकों और धार्मिक संगठनों में चर्चा का विषय बन गया है, और जल्द ही इस पर कोई ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button